रब्बा मेरे रब्बा रब्बा रब्बा मेरे रब्बा
इस प्यार को मैं क्या नाम दूँ
रब्बा मेरे रब्बा रब्बा रब्बा मेरे रब्बा
इस प्यार को मैं क्या नाम दूँ
बेचैन दिल को कैसे आराम दूँ
ओ बेचैन दिल को कैसे आराम दूँ
इस प्यार को मैं क्या नाम दूँ
रब्बा मेरे रब्बा रब्बा रब्बा मेरे रब्बा
तनहाई बेताबी तेरी सौगातें हैं
मेरे इन होंठों पे बस तेरी ही बातें हैं
रब्बा मेरे रब्बा रब्बा रब्बा मेरे रब्बा
कुछ ना कह पाने की ये क्या मजबूरी है
नज़दीक रह के भी ये कैसी दूरी है
खामोश होंठों से क्या पैगाम दूँ
ओ बेचैन दिल को ...
हद से ज्यादा तेरी चाहत मैं करता हूँ
ये पता नहीं तुझ को मैं तुझ पे मरता हूँ
रब्बा मेरे रब्बा रब्बा रब्बा मेरे रब्बा
ये इन्तहां तो देखो मेरे दीवानेपन की
आवाज़ें सुनता हूँ मैं तेरी धड़कन की
इस आग़ाज़ को क्या अंजाम दूँ
ओ बेचैन दिल को ...